2024 Ekadashi Kab Hai ? जानिए ग्यारस कब है – Hindu Ekadashi Calendar 2024

एकादशी कब है

Ekadashi Kab Hai ? – भारत की भूमि को त्योहारों की भूमि कहा जाता है यहां पर हर महीने कोई ना कोई शुभ त्यौहार जरूर आता है इन में से एकादशी को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है एकादशी का दिन भगवान श्री हरि को समर्पित है आज हम जानेंगे आने वाले कुछ समय में कौन सी एकादशी आने वाली है

नए वर्ष 2024 में हिन्दू धर्म के आधार पर विशेष तिथियों की पूर्वसूची बनाना हमारे धार्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें से एक महत्वपूर्ण तिथि है ‘एकादशी‘ जो हर मास के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को आती है।

कई लोग ग्यारस कब है या एकादशी कब है इसके बारे में जानना चाहते हैं 2024 में ग्यारस कब है जिसे एकादशी भी कहा जाता है भारतीय त्योहार और व्रत में सबसे प्रसिद्ध एकादशी को माना जाता है एकादशी का दिन काफी महत्वपूर्ण होता है

2024 में आने वाली एकादशी (2024 Me Ekadashi Kab Hai ?)

Search:
{{titleItem}}
{{item}}
< Previous   |   Next >
{{titleItem}}

एकादशी का महत्त्व:

  1. पवित्रता का संदेश: एकादशी का व्रत रखने से शारीरिक और मानसिक पवित्रता मिलती है। यह आत्मा को शुद्धि देने का कार्य करता है और व्यक्ति को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
  2. आरोग्य का संरक्षण: एकादशी व्रत से शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। इसे नियमित रूप से करने से आत्मा, मन, और शरीर का संतुलन बना रहता है।
  3. अन्नदान की महत्ता: इस दिन अन्नदान करना विशेष रूप से पुण्यकारी माना जाता है। अन्नदान करके समाज में भाग्यशाली बनाने का अद्भूत साधन है।
  4. कर्मों का फल: एकादशी व्रत का पालन करने से कर्मों का फल शुभ होता है और भगवान की कृपा से जीवन में समृद्धि आती है।
  5. भक्ति और समर्पण: एकादशी पर्व में भक्ति और समर्पण की भावना से युक्त रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिन भगवान के प्रति आत्मनिवेदन का प्रतीक है।

एकादशी का व्रत रखकर हम अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में बदल सकते हैं और आत्मा के उद्दीपन का अनुभव कर सकते हैं। इसे नियमित रूप से करने से हम अपने आसपास के समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

ग्यारस का अर्थ होता है ‘ग्यारह’, और यह हर महीने के ग्यारहवें तिथि को कहा जाता है। इस वर्ष, 2024 में ग्यारस का विशेष महत्वपूर्ण होने वाला है। यह तिथि हरियाली तृतीया के रूप में भी जानी जाती है और भगवान विष्णु को समर्पित है।

धार्मिक मानवता में महत्वपूर्ण दिन: एकादशी को मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण और पवित्र दिन के रूप में देखा जाता है, जिसमें भक्त विशेष भक्ति और व्रत के माध्यम से भगवान की पूजा करते हैं।

आध्यात्मिक उन्नति: एकादशी व्रत से यह अवसर प्राप्त होता है कि भक्त अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रयासरत होता है और अध्यात्मिक साधना में अग्रणी बनता है।

भारतीय संस्कृति में धार्मिक त्योहारों का खास महत्व है, जो हमें आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से समृद्धि प्रदान करते हैं। उत्पन्ना एकादशी और मोक्षदा एकादशी, इन्हीं त्योहारों में से दो हैं जो विशेष भाग्यशाली माने जाते हैं।

एकादशी के दिन को हिंदू धर्म के अनुसार काफी महत्व दिया गया है अगर कोई भी व्यक्ति कोई और कठिन व्रत नहीं कर सकता वह अगर एकादशी के व्रत करता है तो उसे कई हजारों यग और कई व्रत का फल सिर्फ एक एकादशी करने से मिल जाता है इतना ही नहीं बल्कि व्रत को नियम और विधि अनुसार ही किया जाता है तभी इसका फल मिलता है

 व्रत की और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ जाए

व्रत कथा : ग्यारस कब है December 2023 ? जानिए इस महीने की ग्यारस, – इस महीने की एकादशी